Saturday, 12 January 2019

5G क्या है | what is 5g

आज हम इस post में 5G तकनीक के बारे में बात करेंगे। जैसा कि हम सभी जानते हैं की 4G के आते ही इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत ही बढ़ गया है। सभी इंटरनेट से जुड़ गए हैं क्योंकि तकनीकी ऐसी चीज है जो हमारे काम को आसान करती है। आइए जानते हैं,5G तकनीक का मतलब आसान से शब्दों में। (5G यानी fifth generation of Telecommunication system) आज हम जानेंगे 5G है क्या? 5G हमें क्या ऑफर करता है? 5G ही क्यों? 5G का इतिहास।

5G क्या है | what is 5g

5G एक ऐसी तकनीक है जो कि वादा करती हैं बेहतर नेटवर्क की सुविधा, बेहतर वॉइस डिलीवरी, बेहतर डाटा ट्रांसफर। इसे हम रियल वायरलेस नेटवर्क भी बोल सकते हैं।
what is 5g

5G हमें क्या ऑफर करता है?

5G में डाटा ट्रांसफर रेट 4G की तुलना में 1000 गुना ज्यादा गति से होगा और इसमें हम 10 से लेकर 100 तक या उससे भी ज्यादा डिवाइस एक समय पर कनेक्ट कर पाएंगे।

5G ही क्यों?

5g की डाटा डिलीवरी मौजूदा गति से भी बहुत ही कम समय में होगी। इसकी गति 1gbps से लेकर 10gbps तक हो सकती है। इसमें किसी भी तरह का नेटवर्क एरर मिस नहीं होगा। क्योंकि इसका लेटेंसी टाइम 1 मिली सेकंड होगा। यानी कि बात करने का तरीका बेहतर होगा। क्योंकि डाटा की डिलीवरी का टाइम कम हो जाएगा।

Mobile internet का इतिहास?


  • 1G-1g तकनीक सबसे पहले 1984 में जापान में आई थी। जोकि analogue signal system के द्वारा काम करती थी। इसकी गति सीमा 2.4 kbps की थी, और केवल हम एक ही देश में वॉइस कॉल द्वारा बात कर सकते थे। इसकी वॉइस क्वालिटी बहुत ही खराब थी है इसके अलावा खराब बैटरी लाइफ और बड़े-बड़े फोन इसमें इस्तेमाल किए जाते थे।
  • 2G-2G को हम GSM यानी ग्लोबल सिस्टम ऑफ मोबाइल के नाम से भी जानते हैं। यह तकनीक 1991 में अस्तित्व में आई। जिसके द्वारा हम अपना डाटा 64 kbps तक ट्रांसफर कर सकते थे। इसमें वॉइस क्लेरिटी 1G के मुकाबले बेहतर हुई। इसमें हम picture message, text message भी भेज सकते थे।


  1. 3G-3G की तकनीक सन 2001 में आई थी और सबसे पहले 2003 में यूके में इसे इस्तेमाल किया गया। इसके नेटवर्क बेहतरीन थे 2G के मुकाबले। इसकी डाटा ट्रांसफर करने की गति 125 केबीपीएस (kbps) से लेकर 2 एमबीपीएस (mbps) तक थी। इसके द्वारा हम मोबाइल से ही टीवी और वीडियो कॉलिंग का आनंद ले सकते थे।


  • 4G-4G की तकनीक 2012 में विकसित की गई। लेकिन इसका प्रचलन इंडिया में तब हुआ जब मुकेश अंबानी ने अपनी सिम जिओ की शुरुआत की और इंडिया में इंटरनेट करने वालों की तादाद बढ़ गई। 4G की डाटा ट्रांसफर की गति 12 एमबीपीएस (mbps) तक है। जोकि 3G के मुकाबले 5 गुना तक है जिसकी मदद से हम बेहतर इंटरनेट और हाई डेफिनेशन वीडियो देख सकते हैं, 3G के मुकाबले बेहतर तरीके से वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं। लेकिन अभी भी हम 4G की असली गति का इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं। हो सकता है तकनीकी मदद से आने वाले कुछ समय में हम इस का आनंद ले पाए। साथ साथ हमें अभी पता होना चाहिए की इन दिनों जिन मोबाइल फोन का हम इस्तेमाल कर रहे हैं।वह 4G तक ही सीमित है।इसीलिए 5G के आने तक हमें उसे इस्तेमाल करने के लिए 5G सपोर्टेड फोन खरीदना पड़ेगा।क्योंकि जितने भी मार्केट में मोबाइल फोन उपलब्ध है और आए दिन हो जो नए फोन आ रहे हैं। वह 4G ही हैं।


5G में इस्तेमाल होने वाले हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर


5G की तकनीक में UWB (ultra wide band) का इस्तेमाल किया जाएगा।जिसकी मदद से इसकी बैंडविथ (bandwidth) 4000 एमबीपीएस (mbps) देखोगी जोकि 4G के मुकाबले 400 गुना तेज होगी। Internet protocol का version 6(IPV6) होगा और इसमें सीडीएमए (CDMA) इस्तेमाल किया जाएगा।

5G के फायदे

आइए जानते हैं 5G के आने से हमें क्या क्या फायदे होंगे और क्या क्या नुकसान हो सकते हैं।5G की मदद से हम अपने शहर में Energy Management,traffic management,weather management को तकनीकी मदद से सुचारू रूप से चला पाएंगे और अपने शहर को स्मार्ट सिटी बना पाएंगे। जिस तरह की तकनीक फाइबर ऑप्टिक्स में इस्तेमाल होती है।कुछ वैसे ही तकनीक 5G में भी इस्तेमाल होने की संभावना है।जिसके कारण इंटरनेट की दुनिया में ट्रैफिक 10000 गुना बढ़ सकता है।5G की तकनीक 2020 तक आने की संभावना है। इसके आते ही हम बेहतर वॉइस स्ट्रीमिंग,वीडियो कॉलिंग, इंटरनेट और ब्रॉडबैंड का बेहतर तरीके से लुत्फ आ पाएंगे।
5G की मदद से हम बहुत सारे डिवाइस एक साथ एक समय पर जोड़ पाएंगे यानी कि अगर एक व्यक्ति कनेक्ट होगा तो उससे बहुत सारे व्यक्ति जुड़ पाएंगे। इसका इस्तेमाल हस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए और कारखानों में भी हो सकेगा। 5G के नेटवर्क टावर साइज में छोटे होंगे जिसकी वजह से हमें बहुत सारे टावर लगाने पड़ेंगे। क्योंकि अगर इसके टावर कम होंगे और दूर दूर होंगे तो शायद हम 5G का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे और इसकी गति धीमी पड़ जाएगी। 5G के आने के बाद शायद हमें डाटा रेट कम में मिलने लगे। लेकिन अभी तो हम 4G भी अच्छे से इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं। Nokia,apple जैसी कंपनियों ने 5G तकनीक को विकसित करने के लिए बहुत सारे पैसे लगाए हैं। चाइना मैं अभी 5G तकनीक का ट्रायल चल रहा है और भारत में टाटा डोकोमो जैसे नेटवर्क कंपनी ने सबसे पहले इसका ट्रायल भारत में किया तो उम्मीद है कुछ समय में या भविष्य में हमें इसका इस्तेमाल करने का मौका मिले। बड़े बड़े शहरों में सेल्फ ड्राइविंग कार 5G की मदद से चल सकती हैं।
अभी इस पर गहन अध्ययन चल रहा है कि आम लोगों तक यह सुविधा कैसे पहुंचाई जाए और यह बहुत महंगी भी हो सकती है। जैसे कि हम जानते हैं की 5G को यूज करने के लिए 5G फोन होना लाजमी है।लेकिन जितने भी नए नए फोन आ रहे हैं और जो फोन आज के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं वह 4G तक ही सीमित है।उसमें 5G नहीं चल सकता इसी कारण 5G को इस्तेमाल करने के लिए लोगों को नया फोन भी लेना पड़ेगा।जिसमें 5G चलाया जा सके।5G के इस्तेमाल के लिए बहुत सारे टावर लगाने पड़ेंगे जो कि बहुत महंगा साबित होने वाला है। 4G से हम स्मार्ट सिटी के बारे में तो नहीं सोच सकते लेकिन 5G से यह मुमकिन हो सकता है तो देखते हैं भविष्य में यह कैसे दुनिया को बदल दी है और हमारे के कामों को आसान बनाती है।

Conclusion

जैसा कि आप ने इस पोस्ट में जाना कि 5g tecjnology क्या होती है और इसे कब तक सभी लोग उसे कर पाएंगे। अगर हम 5g tachnology मिल जाती है तो हमारा internet speed 10x तक fast हो जाएगा। और हम किसी बजी तरह की files को और भी तेजी से download कर पाएंगे।
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